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झारखंड
झारखंड न्यायिक सेवा
« »18-Aug-2023
परिचय
झारखंड उच्च न्यायालय झारखंड सिविल जज जूनियर डिवीजन पदों के लिये योग्य अभ्यर्थी की भर्ती के लिये प्रति वर्ष झारखंड न्यायिक सेवा परीक्षा आयोजित करता है।
शैक्षणिक अर्हता
- अभ्यर्थी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की हो।
- फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि तक,अधिवक्ता के रूप में निबंधित होना अनिवार्य है।
- यह अनिवार्य है कि अभ्यर्थी के पास सक्रिय एवं वैध पंजीकरण और आवेदन हो।
- कोई भी अभ्यर्थी निलंबित पंजीकरण के साथ परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता है।
- अभ्यर्थी भारतीय नागरिक होना चाहिये।
- अभ्यर्थी का बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड के उत्तम आचरण होना चाहिये।
- उच्च न्यायालय की विज्ञप्ति में उल्लिखित तिथि तक, झारखंड न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 22 वर्ष एवं अधिकतम आयु 35 वर्ष है।
- यदि अभ्यर्थी महिला है, या अनुसूचित जनजाति या अनुसूचित जाति का सदस्य है, तो उनकी अधिकतम आयु सीमा 3 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
परीक्षा प्रारूप
झारखंड न्यायिक सेवा भर्ती के लिये अभ्यर्थी का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। इस परीक्षा में दो भाग शामिल हैं, प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा। परीक्षा के अंतिम भाग में साक्षात्कार या व्यक्तित्व परीक्षण शामिल है।
झारखंड सिविल जज भर्ती हेतु न्यायिक सेवा परीक्षा का प्रारूप:
- प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ या बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्नों वाली एक लिखित परीक्षा होगी।
- प्रारंभिक परीक्षा के लिये पूर्णांक 100 अंक हैं। नकारात्मक अंकन नहीं होगा।
- परीक्षा की अवधि 2 घंटे है।
- जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने में सक्षम होंगे वे मुख्य परीक्षा के लिये पात्र होंगे।
- मुख्य परीक्षा में 4 प्रश्नपत्र होते हैं, प्रत्येक प्रश्नपत्र 100 अंक का होता है, जिससे कुल अंक 400 हो जाते हैं।
- साक्षात्कार मौखिक होगा।
प्रारंभिक परीक्षा
- भर्ती प्रक्रिया का प्राथमिक चरण प्रारंभिक परीक्षा है। झारखंड न्यायिक सेवा परीक्षा पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थी का परीक्षण निम्नलिखित आधारों पर किया जाएगा:
प्रारंभिक परीक्षा |
● करंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान ● अंग्रेज़ी का सामान्य ज्ञान ● दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ● सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 ● भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 ● भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 ● भारतीय दण्ड संहिता, 1860
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100 अंक (2 घंटे) |
मुख्य परीक्षा
मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों का विवरण निम्नलिखित है इसके अंतर्गत चार प्रश्नपत्र होंगे जिनमें प्रत्येक प्रश्नपत्र की अवधि 3 घंटे होगी।
प्रश्नपत्र I |
● भारतीय दण्ड संहिता, 1860 ● दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ● सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 ● भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 ● परिसीमा अधिनियम, 1963 |
100 अंक |
प्रश्नपत्र II |
● संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 ● भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 ● माध्यस्थतम् और सुलह अधिनियम, 1996 ● माल विक्रय अधिनियम, 1930 ● परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 |
100 अंक |
प्रश्नपत्र III |
● मुस्लिम विधि ● हिंदू विधि ● विधिशास्त्र ● विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 ● किराया नियंत्रण विधि |
100 अंक |
प्रश्नपत्र IV |
अनुवाद, पल्लवन, संक्षेपण और निबंध के साथ अंग्रेज़ी और हिंदी भाषा का परीक्षण। |
100 अंक |
साक्षात्कार
- मौखिक परीक्षा 100 अंकों की होगी।
- यदि अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी से है तो इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिये उसे कम से कम 25% अंक प्राप्त करने होंगे।
- SC/ST/EBC/OBC के लिये आवश्यक न्यूनतम अंक 20% है।