9 मार्च से शुरू हो रहे हमारे ऑल-इन-वन ज्यूडिशियरी फाउंडेशन कोर्स के साथ अपनी ज्यूडिशियरी की तैयारी को मजबूत बनाएं | यह कोर्स अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों माध्यमों में उपलब्ध है।   |   आज ही हमारे ज्यूडिशियरी फाउंडेशन कोर्स में एडमिशन लें और अपनी तैयारी को और बेहतर बनाएँ | हिंदी माध्यम बैच: 9 मार्च, सुबह 8 बजे   |   आज ही एडमिशन लें बिहार APO (प्रिलिम्स + मेन्स) कोर्स में और अपने सपनों को दे नई दिशा | ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मोड में उपलब्ध | 12 जनवरी 2026  से कक्षाएँ आरंभ   |   एडमिशन ओपन: UP APO प्रिलिम्स + मेंस कोर्स 2025, बैच 6th October से   |   ज्यूडिशियरी फाउंडेशन कोर्स (प्रयागराज)   |   अपनी सीट आज ही कन्फर्म करें - UP APO प्रिलिम्स कोर्स 2025, बैच 6th October से








उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी मुख्य परीक्षा 2026: पाठ्यक्रम और तैयारी रणनीति के लिये संपूर्ण मार्गदर्शिका

    «
   06-Apr-2026 | दृष्टि लेखक



विषयसूची 

उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी (UP APO) परीक्षा 2025 उत्तर प्रदेश में विधि स्नातकों के लिये सबसे महत्त्वपूर्ण भर्ती अवसरों में से एक है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित की जाती हैजिसके माध्यम से ऐसे अभियोजन अधिकारियों का चयन किया जाता है जो राज्य की ओर से आपराधिक न्यायालयों में अभियोजन का  प्रतिनिधित्व करते हैं।   

उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 22 मार्च, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैंउनके समक्ष अब मुख्य परीक्षा का स्पष्ट लक्ष्य हैजो दिनांक 28 जून, 2026 को निर्धारित है। लगभग तीन माह का समय शेष होने के कारणएक केंद्रित एवं सुव्यवस्थित तैयारी रणनीति वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है 

परीक्षा के मुख्य विवरण 

विवरण 

जानकारी 

परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 

पद 

सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 

प्रारंभिक परीक्षा की तिथि 

22 मार्च, 2026 

मुख्य परीक्षा की तिथि 

28 जून, 2026 

परीक्षा के चरण 

प्रारंभिक परीक्षामुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार 

मुख्य परीक्षा का पैटर्न 

उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी (UP APO) मुख्य परीक्षा कुल प्रश्न-पत्रों से युक्त होती हैजिनका कुल अंक 500 निर्धारित है। यह परीक्षा वर्णनात्मक (Descriptive) प्रकृति की होती हैजिसमें अभ्यर्थियों की भाषा दक्षता एवं विधिक ज्ञान दोनों का परीक्षण किया जाता है 

प्रश्न-पत्र 

विषय 

अंक 

अवधि 

प्रश्न-पत्र 1 

सामान्य हिंदी (हाई स्कूल स्तर) 

100 

3 hrs 

प्रश्न-पत्र 2 

सामान्य अंग्रेज़ी (हाई स्कूल स्तर) 

50 

1.5 hrs 

प्रश्न-पत्र 3 

सामान्य ज्ञान 

50 

1.5 hrs 

प्रश्न-पत्र 4 

आपराधिक विधि एवं प्रक्रिया 

100 

3 hrs 

प्रश्न-पत्र 5 

साक्ष्य अधिनियम (Evidence Law) 

100 

3 hrs 

प्रश्न-पत्र 6 

अन्य अधिनियम (Other Laws) 

100 

3 hrs 

नोट:प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों के लिये सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम समान है। 

विस्तृत पाठ्यक्रम 

प्रश्न-पत्र 1: सामान्य हिंदी (100 अंक): 

  • यह प्रश्नपत्र हाई स्कूल (कक्षा 10) स्तर पर हिंदी भाषा की प्रवीणता का परीक्षण करता है। 
  • इसमें निबंध लेखनवाक्य-विन्यास तथा व्याकरण सम्मिलित हैं। 
  • यद्यपि अन्य समरूप परीक्षाओं में इसे प्रायः केवल अर्हतामूलक (qualifying) माना जाता हैतथापि UP APO परीक्षा में इसके पूर्ण अंक निर्धारित हैं—अतः इसकी उपेक्षा न करें।   

प्रश्न-पत्र 2: सामान्य अंग्रेजी (50 अंक): 

  • यह प्रश्न-पत्र अंग्रेज़ी भाषा की दक्षता का परीक्षण हाई स्कूल स्तर पर करता हैजिसमें गद्यांश बोध (comprehension), व्याकरण एवं लेखन क्षमता सम्मिलित हैं 

प्रश्न-पत्र 3: सामान्य ज्ञान (50 अंक): 

  • सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम प्रारंभिक परीक्षा के अनुरूप ही हैजिसमें भारतीय इतिहासभूगोलराज्यव्यवस्था (Polity), समसामयिक घटनाएँमुद्राएँ एवं राजधानियाँ तथा सामान्य विज्ञान के प्रारंभिक सिद्धांत सम्मिलित हैं।  

प्रश्न-पत्र 4: आपराधिक विधि और प्रक्रिया (100 अंक): 

यह प्रश्न-पत्र UP APO परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैविशेषकर पद की अभियोजनात्मक प्रकृति को ध्यान में रखते हुए। पाठ्यक्रम में निम्नलिखित सम्मिलित हैं: 

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 
  • उत्तर प्रदेश पुलिस अधिनियम एवं विनियम 
  • संबद्ध प्रक्रियात्मक विधियाँ  

अभ्यर्थियों को BNS/BNSS के साथ-साथ पूर्ववर्ती भारतीय दण्ड संहिता (IPC) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) पर भी समुचित अधिकार होना आवश्यक हैक्योंकि तुलनात्मक प्रश्न तथा संक्रमणकालीन उपबंध (transitional provisions) प्रायः पूछे जाते हैं 

प्रश्न-पत्र 5: साक्ष्य अधिनियम - साक्ष्य विधि (100 अंक): 

  • यह प्रश्न-पत्र पूर्णतः भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) पर आधारित हैजिसने भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 का स्थान ग्रहण किया हैं 
  • इस प्रश्न-पत्र में उच्च अंक प्राप्त करने हेतु भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की संरचनाप्रमुख उपबंधों तथा पूर्ववर्ती अधिनियम से इसके भिन्नताओं का गहन अध्ययन आवश्यक है 

प्रश्न-पत्र 6: अन्य अधिनियम - अन्य विधि (100 अंक): 

ह प्रश्न-पत्र 16 विशेष एवं स्थानीय अधिनियमों के ज्ञान का परीक्षण करता हैजिनमें से अनेक उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित हैं। इन अधिनियमों की पूर्ण सूची निम्नलिखित है 

क्रमांक संख्या  

अधिनियम  (English)  

अधिनियम  (हिंदी) 

1 

Arms Act, 1959 

आयुध अधिनियम, 1959 

2 

POCSO Act, 2012 

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 

3 

Dowry Prohibition Act, 1961 

दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 

4 

SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 

5 

Prevention of Corruption Act, 1988 

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 

6 

Information Technology Act, 2000 

सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 

7 

Explosives Act, 1884 

विस्फोटक अधिनियम, 1884 

8 

Prevention of Damage to Public Property Act, 1984 

लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 

9 

Essential Commodities Act, 1955 

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 

10 

U.P. Control of Goondas Act, 1970 

उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 

11 

U.P. Gangsters and Anti-Social Activities Act, 1986 

उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 

12 

U.P. Prevention of Cow Slaughter Act, 1955 

उत्तर प्रदेश गो-वध निवारण अधिनियम, 1955   

13 

U.P. Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act, 2021 

उत्तर प्रदेश विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 

14 

Unlawful Activities (Prevention) Act — UAPA, 1967 

विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 

15 

U.P. Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 

उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 

16 

Foreigners Act, 1946 

विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946 

प्रभावी तैयारी रणनीति 

दिनांक 28 जून, 2026 को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा तक लगभग तीन माह का समय उपलब्ध हैअतः अभ्यर्थियों को तत्परता एवं सटीकता के साथ अध्ययन करना आवश्यक है। निम्नलिखित चरणबद्ध रणनीति इस संदर्भ में उपयोगी सिद्ध हो सकती है:    

  • नवीन आपराधिक संहिताओं में प्रवीणता सर्वप्रथम प्राप्त करें:भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA), प्रश्न-पत्र एवं की आधारशिला हैं — ये तीनों मिलकर 200 अंक के हैं। मूल विधियों को पूरी तरह पढ़ें। BNS और IPC, BNSS और CrPC, तथा BSA और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बीच तुलनात्मक चार्ट बनाएं जिससे प्रमुख परिवर्तनोंनए प्रावधानों और बरकरार रखे गए यथावत् धाराओं की पहचान की जा सके। यह इस परीक्षा चक्र का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है।  
  • प्रश्न-पत्र को व्यवस्थित रूप से हल करें: 16 अधिनियमों के व्यापक पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुएइन्हें विभिन्न वर्गों—केंद्रीय अधिनियमउत्तर प्रदेश विशेष अधिनियमएवं सामाजिक कल्याण संबंधी विधानों—में विभाजित कर अध्ययन करें। प्रत्येक अधिनियम के अंतर्गत परिभाषाएँअपराधदण्ड तथा प्रक्रियात्मक उपबंधों पर विशेष ध्यान दें। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA), अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) अभियोजन कार्य से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित होने के कारण अधिक महत्त्व रखते हैं।   
  • सामान्य हिंदी और अंग्रेजी:इन्हें गौण विषय न समझें। प्रथम प्रश्नपत्र में ही 100 अंक हैं। निबंध लेखन का अभ्यास करेंव्याकरण पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि आपकी लिखित हिंदी स्पष्ट और सुव्यवस्थित हो। अंग्रेजी मेंसमझ और स्पष्ट अभिव्यक्ति पर ध्यान केंद्रित करें। 
  • सामान्य ज्ञान:चूँकि सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम के समान हैइसलिये अपने मौजूदा नोट्स को मजबूत करें। वर्तमान विधिक और न्यायिक घटनाक्रमहाल की विधियों और सांविधानिक विकास पर ध्यान केंद्रित करें। सामान्य ज्ञान की पुनरावलोकन के लिये प्रतिदिन 30-45 मिनट से अधिक समय न दें। 
  • उत्तर लेखन अभ्यास:मुख्य परीक्षा पूरी तरह से वर्णनात्मक है। संरचित उत्तर लेखन तुरंत शुरू करें। प्रत्येक उत्तर में एक संक्षिप्त परिचयवैधानिक संदर्भों सहित व्यवस्थित मुख्य भाग और एक स्पष्ट निष्कर्ष होना चाहिये। पहले सप्ताह से ही समय सीमा के भीतर उत्तर लिखने का अभ्यास करें। 
  • मॉक टेस्ट और पूर्ववर्ती प्रश्न-पत्रों का अध्ययन:प्रत्येक सप्ताह कम-से-कम एक पूर्ण लंबाई (full-length) का मॉक टेस्ट समयबद्ध परिस्थितियों में दें। साथ ही, UP APO मुख्य परीक्षा के पूर्ववर्ती प्रश्न-पत्रों का विश्लेषण कर प्रश्नों के स्वरूपबारंबार पूछे जाने वाले उपबंधों तथा अपेक्षित उत्तर-गहराई को समझें।  
  • रिवीजन चक्र:परीक्षा से पूर्व न्यूनतम दो पूर्ण पुनरावृत्ति चक्रों की योजना बनाएं। अंतिम दो सप्ताह में त्वरित रिवीजन हेतु संक्षिप्त नोट्स एवं धारा-आधारित सारांश (section-wise summaries) का उपयोग करें।  

निष्कर्ष 

28 जून, 2026 को होने वाली उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी (UP APO) मुख्य परीक्षा, 2026 एक चुनौतीपूर्ण लेकिन सफल परीक्षा हैजिसे स्पष्टता और अनुशासन के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थी आसानी से जीत सकते हैं। प्रश्न-पत्र एवं 5- जिनमें नवीन आपराधिक संहिताएँअर्थात् भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) सम्मिलित हैं—संयुक्त रूप से 200 अंकों के हैं और इनमें सर्वाधिक सतत एवं गहन तैयारी अपेक्षित है। प्रश्न-पत्र में 16 विशेष और उत्तर प्रदेश -विशिष्ट विधियों के ज्ञान का परीक्षण किया जाता है जो दैनिक अभियोजन प्रक्रिया से सीधे संबंधित हैं।    

लगभग तीन महीने शेष हैंऐसे में जो अभ्यर्थी सुव्यवस्थित रिवीजन शेड्यूल बनाते हैंसंरचित उत्तर लेखन का अभ्यास करते हैं और अधिनियमों को नियमित रूप से पढ़ते हैंवे मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने और साक्षात्कार चरण तक पहुँचने के लिये सबसे अच्छी स्थिति में होंगे। उत्तर प्रदेश में सहायक अभियोजन अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर महत्त्वपूर्ण है - तैयारी के इस अंतिम चरण को पूरी गंभीरता और रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ लें।  



हाल की पोस्ट


उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी मुख्य परीक्षा 2026: पाठ्यक्रम और तैयारी रणनीति के लिये संपूर्ण मार्गदर्शिका
उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2026 — अंतिम 7 दिनों की रणनीति
मध्य प्रदेश में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) भर्ती अधिसूचना जारी: मुख्य विवरण यहाँ जानें
अखिल भारतीय बार परीक्षा-21 (AIBE-XXI) आ गया है — रजिस्ट्रीकरण की अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन सुनिश्चित करें!
33वीं बिहार न्यायिक सेवा अधिसूचना, 2026: परीक्षा प्रारूप, पाठ्यक्रम एवं तैयारी रणनीति के लिये संपूर्ण मार्गदर्शिका
उत्तराखण्ड न्यायिक सेवा परीक्षा 2025: संपूर्ण अधिसूचना सारांश, पात्रता, परीक्षा प्रारूप एवं अन्य विवरण
मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2025: पाठ्यक्रम, पैटर्न, पात्रता, और अपडेट के साथ संपूर्ण गाइड
लोक अभियोजक बनाम सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ): अंतर को समझना
न्यायिक परीक्षाओं के लिये तीन वर्ष की न्यायालय प्रैक्टिस: चुनौती या अवसर
राजस्थान अधिसूचना, 2025 का अवलोकन


लोकप्रिय पोस्ट


उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी मुख्य परीक्षा 2026: पाठ्यक्रम और तैयारी रणनीति के लिये संपूर्ण मार्गदर्शिका
उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2026 — अंतिम 7 दिनों की रणनीति
मध्य प्रदेश में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) भर्ती अधिसूचना जारी: मुख्य विवरण यहाँ जानें
अखिल भारतीय बार परीक्षा-21 (AIBE-XXI) आ गया है — रजिस्ट्रीकरण की अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन सुनिश्चित करें!
33वीं बिहार न्यायिक सेवा अधिसूचना, 2026: परीक्षा प्रारूप, पाठ्यक्रम एवं तैयारी रणनीति के लिये संपूर्ण मार्गदर्शिका
उत्तराखण्ड न्यायिक सेवा परीक्षा 2025: संपूर्ण अधिसूचना सारांश, पात्रता, परीक्षा प्रारूप एवं अन्य विवरण
मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2025: पाठ्यक्रम, पैटर्न, पात्रता, और अपडेट के साथ संपूर्ण गाइड
लोक अभियोजक बनाम सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ): अंतर को समझना
न्यायिक परीक्षाओं के लिये तीन वर्ष की न्यायालय प्रैक्टिस: चुनौती या अवसर
राजस्थान अधिसूचना, 2025 का अवलोकन