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पर्यावरणीय विधि

क्या प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिये श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (GRAP) पर्याप्त है?

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 29-Oct-2026

स्रोत: द हिंदू 

परिचय 

दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में गिरने के बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिये वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली- NCR में श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के पहले चरण की घोषणा की। हर सर्दियों में, हवा की गति कम होने और तापमान गिरने के कारण इस क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ जाता है। पराली जलाने और त्योहारों के दौरान प्रयोग होने वाले पटाखों से वाहनों से निकलने वाले धुएं और धूल से प्रदूषण और भी बढ़ जाता है।     

श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) क्या है? 

  • GRAP वायु प्रदूषण को कम करने के लिये अल्पकालिक आपातकालीन उपायों का एक समूह है, जिसे चार चरणों में विभाजित किया गया है। 
  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) दर्ज या पूर्वानुमानित प्रदूषण स्तरों के आधार पर प्रत्येक चरण की घोषणा करता है और राज्य सरकारों को दिल्ली और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR जिलों में "तत्काल प्रभाव" से प्रतिबंधों को लागू करने का निर्देश देता है। 
  • राज्य सरकारें विधि द्वारा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM  के निर्देशों को लागू करने के लिये बाध्य हैं, और आयोग अनुपालन न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर सकता है। 

श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) का विकास कैसे हुआ है? 

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद जनवरी 2017 में पहली बार GRAP को अधिसूचित किया था। 
  • इसे शुरू में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित EPCA द्वारा लागू किया गया था, जिसे कोई सांविधिक समर्थन प्राप्त नहीं था और इसलिये वह उन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर सकता था जिन्होंने उसके आदेशों की अवहेलना की थी। 
  • 2021 में, CAQM ने EPCA का स्थान ले लिया। तब से GRAP को कई बार संशोधित किया गया है और प्रत्येक संशोधन के साथ यह अधिक कठोर होता गया है। 

श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के चरण क्या हैं?  

चरण 

श्रेणी 

दिल्ली का AQI 

I 

‘खराब’ (Poor) 

201–300 

II 

‘अत्यंत खराब’ (Very Poor) 

301–400 

III 

‘गंभीर’ (Severe) 

401–450 

IV 

‘अति गंभीर’ (Severe+) 

450 से अधिक 

 

GRAP को वर्ष के किसी भी समय लागू किया जा सकता है, लेकिन इसके उच्च चरण ज्यादातर सर्दियों में लागू किये जाते हैं। 

कौन-से प्रतिबंध अधिरोपित किये जाते हैं? 

  • चरण I: मुख्यतः विद्यमान प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का कठोरता से प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाता है। उदाहरणार्थ, डीज़ल जनरेटर सेटों का विद्युत आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में उपयोग न करना। 
  • चरण-III:  
    • दिल्ली-NCR में निर्माण एवं विध्वंस संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। 
    • BS-III मानक वाले पेट्रोल वाहनों तथा BS-IV अथवा उससे निम्न उत्सर्जन मानक वाले डीज़ल हल्के मोटर वाहनों (LMVs) के संचालन पर दिल्ली तथा अधिक वाहन घनत्व वाले जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर—में प्रतिबंध लगाया जाता है।  
  • चरण IV: 
    • निर्माण संबंधी प्रतिबंधों को और अधिक कठोर बनाया जाता है तथा छूट के प्रावधानों को सीमित किया जाता है।   
    • BS-VI मानक वाले, विद्युत चालित, CNG तथा LNG से संचालित ट्रकों को छोड़कर अन्य ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाता है। 

क्या GRAP से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है?  

  • फिनलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (CREA)  द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को किये गए विश्लेषण में पाया गया कि पिछले चार शीतकालीन मौसमों के दौरान वायु गुणवत्ता में कोई “निरंतर सुधार” नहीं हुआ है। 
  • दिल्ली का औसत शीतकालीन AQI वर्ष 2022-23 में 280 से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 304 हो गया, वर्ष 2024-25 में घटकर 285 हुआ तथा वर्ष 2025-26 में पुनः बढ़कर 295 हो गया।  
  • औसत AQI ने भी इसी पैटर्न का अनुसरण किया: 294, 324, 289 और 305। 

इस सर्दी में क्या अलग है? 

  • दिल्ली सरकार ने 23 जून की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से शीतकालीन प्रतिबंध लागू किये हैं जो वायु गुणवत्ता की परवाह किये बिना लागू होंगे। 
  • वाहनों पर प्रतिबंध (1 नवंबर से 31 जनवरी तक): दिल्ली में पंजीकृत न होने वाले तथा BS-VI मानकों से निम्न उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। विद्युत चालित, CNG से संचालित, आपातकालीन सेवाओं तथा राजकीय कर्त्तव्य में प्रयुक्त वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है। 
  • पार्किंग शुल्क (1 नवंबर से 28 फरवरी): अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के पार्किंग स्थलों को इस व्यवस्था से छूट प्रदान की गई है।  
  • यदि GRAP के अंतर्गत जारी निर्देशों और उक्त अधिसूचना के प्रावधानों के बीच कोई विरोधाभास उत्पन्न होता है, तो GRAP के निर्देश प्रभावी होंगे। 

निष्कर्ष 

GRAP, CAQM को आपातकालीन कार्रवाई हेतु एक वैधानिक एवं चरणबद्ध ढाँचा प्रदान करता है, जिसका EPCA के पास अभाव था। तथापि, CREA के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि केवल अल्पकालिक उपायों से दिल्ली की शीतकालीन वायु गुणवत्ता में निरंतर सुधार नहीं हुआ है। दिल्ली सरकार द्वारा अधिरोपित अतिरिक्त प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप, कम-से-कम कागज़ी स्तर पर, इस शीत ऋतु में विगत कुछ वर्षों की तुलना में सरकारी कार्रवाई का स्तर सर्वाधिक रहने की संभावना है। वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार प्रदूषण के स्रोतों के विरुद्ध दीर्घकालिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा।